आंटी की चुदाई का मज़ा

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एक दिन मेरी आंटी ने मुझे शाम को कॉल किया और बोला की उनकी बेस्ट फ्रेंड की बेटी की शादी है और आज मेहँदी की रस्म है और तुम्हरे अंकल आज बाहर जा रहे है. क्या तुम मेरे साथ चलोगे, प्लीज? क्युकि शादी में जाने के लिए कोई और नहीं है. मै रेडी हो गया और शाम को अपनी बाइक पर आंटी के घर पहुच गया और आंटी को ले कर निकल पड़ा और कुछ देर बाद हम पहुच गये.वहां पहुचने पर आंटी की बेस्ट फ्रेंड ने हमारा वेलकम किया और उनके साथ एक आंटी और थी, जो बहुत ही टाइट कपड़ो में थी और उनके बड़े-बड़े बूब्स उनके कसे हुए कपडे में उनके बूब्स का बड़ा आकार बता रहे थे और जब वो पलटी, तो उनकी बड़ी गोल, मस्त और बहुत ही ज्यादा बाहर निकली हुई गांड को देख कर मेरे मुह से निकल गया – “बाप रे बाप”!

मैने आंटी से पूछा- ये कौन है, तो वो बोली – ये सपना है. मै बार-बार उनको ही देख रहा था. वो भी मुझे नोटिस कर चुकी थी. फिर वो मेरे पास आई और हम जनरल बातें करने लगे. जब बात कर रहे थे, तो तब भी मै उनके बड़े-बड़े बूब्स को ही देख रहा था. फिर हमें आंटी ने आवाज़ देकर बुलाया. क्युकि दुल्हन की मेहंदी दिखाई जा रही थी और सब एक के पीछे एक खड़े होकर देख रहे थे.मै सपना आंटी के पीछे खड़ा था और उनकी बाहर निकली हुई बड़ी गांड देख कर दिल मचलने लगा. मैने सोचा, क्यों ना चांस मारा जाए. मैने अपना लंड जो के आधा खड़ा था को आंटी की गांड पर टच कर दिया और वो झट से पीछे पलट कर देखने लगी. मै डर गया, लेकिन आंटी ने एक नॉटी स्माइल दे कर, फिर आगे देखने लगी. आप ये कहानी रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मेरा डर निकल गया, लेकिन आंटी ने एक नॉटी स्माइल देकर फिर आगे देखना से ग्रीन सिग्नल दे दिया था. अब मै और आगे होकर लंड को गांड पर फील करने लगा और आंटी भी गांड को पीछे कर के लंड को प्रेस करने लगी. मैने इधर-उधर देखा. हमें कोई नहीं देख रहा था. मैने अब अपना एक हाथ आंटी की गांड पर रख कर आगे झुक कर देखने लगा और फिर धीरे-धीरे गांड को सहलाने लगा.फिर सब वह से हटने लगे और मै थोडा दूर हट कर खड़ा हो गया. आंटी मेरे पास आई और मुस्कुराते हुए बोली – मज़ा आया. मै बोला – अभी कहाँ मज़ा आया. वो बोली जब रात में सब सो जायेंगे तो पीछे स्टोर रूम में आ जाना. मै तो बहुत खुश ही गया और सब के सोने का इंतज़ार करने लगा. फिर रात के २ बजे मै छुपते हुए स्टोर रूम में गया और कोई आधे घंटे बाद सपना आंटी स्टोर रूम में आई. वह आंटी रेड गाउन में बहुत सेक्सी लग रही थी. मैने झट से आंटी को अपनी बाहों में जकड़ लिया और अपने लिप्स उनके लिप्स पर रख कर फ्रेच किस करने लगा और एक हाथ से एक बूब्स और दुसरे हाथ से उनकी गांड को दबाने लगा. उसकी सिसकारी निकलने लगी थी ऊऊओ … अह्ह्ह्हह्ह…साहिल कम ओन..और मै भी जोश में आ गया था. अब मैने आंटी के मुह में अपनी जीभ डाल दी और आंटी मेरी जीभ को किसी आइसक्रीम की तरह चूसने लगी,

बहुत मज़ा आ रहा था.मैने उनकी ड्रेस उतार दी, वो ब्लैक ब्रा और ब्लैक पेंटी में थी. में ब्रा के ऊपर से ही उनके बड़े-बड़े बूब्स दबाने लगा. वो मेरा लंड पेंट से निकल कर सहलाने लगी. फिर मैने उनकी ब्रा उतार दी और ज़मीनपर लिटा कर बूब्स के एक निप्पल को मुह में भर लिया. वो मेरा हेड अपने बूब्स पर दबाने लगी. मैने दोनों बूब्स चूस-चूस कर निचोड़ डाला. फिर मैने किस करते हुए नीचे सरकने लगा..वो मोअन कर रही थी, फिर मैने पेंटी के ऊपर से ही किस कर ने लगा और वो अब बहुत गरम हो चुकी थी. अब उन्होंने मुझे उठा कर एक जोरदार किस करते हुए, मेरे कपडे निकल दिए और नीचे बैठ कर मेरा लंड बड़ी कामुकता से चूसने लगी. अब मेरे मुह से सिसकारी निकल रही थी. आंटी बहुत ही अच्छा बिलोंजॉब दे रही थी. मेरा लंड एकदम कड़क हो चूका था. वो मेरे लंड के आगे वाले हिस्से पर अपनी जीभ बहुत मस्त घुमा रही थी.फिर आंटी बोली, अब मुझे चोदो प्लीज. मैने उन्हें डौगी पोज में किया और पीछे से लंड एक बार में ही पूरा डाल दिया. वो बोली – आराम से, मै तेज-तेज चोदने लगा और दोनों हाथो से बूब्स दबा रहा था. आप ये कहानी रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। वो भी गांड आगे-पीछे करके चुदवा रही थी. वो सेक्स में बहुत एक्सपर्ट लग रही थी. क्युकि वो लंड को बहुत अन्दर तक ले रही थी. अब उन्होंने मुझे नीचे लेता कर मेरा लंड चूत में ले लिया और दोनों हाथ मेरे पेरो पर रख कर बहुत स्पीड में गांड उछाल-उछाल कर चुद रही थी. में बहुत मज़े ले रहा था. फिर मैने उन्हें दिवार के सहारे खड़ा कर दिया और उनकी एक टांग को अपने हाथ में ले लिया और अपने लंड को उनकी चूत में डाल दिया और चोदना शुरू कर दिया. वो बस एस..एस…एस बोले जा रही थी. हम दोनों पसीने-पसीने हो चुके थे और बार-बार वो लंड को निकालती और फिर दुबारा चूत में डालती, जिससे और भी मज़ा आ रहा था. अब मैने उनको ज़मीनपर लिटा कर उनकी दोनों टाँगे अपने कंधो पर रखकर चोदने लगा पर अपने हाथ से बूब्स को निचोड़ भी रहा था. उनकी चूत पूरी गीली होकर बहने लगी थी. शायद वो दो बाद से ज्यादा झड़ चुकी थी, मगर अभी भी मज़े से चुदवा रही थी. मेरा लंड भी हार नहीं मान रहा था. बस जोर-जोर से धक्के मारे जा रहा था.

आंटी ने फिर मुझे नीचे करके लंड पर सवार हो गया. मैने उनके बूब्स मुह में लेकर चूस भी रहा था और वो ऊपर से और मै नीचे से धक्के लगा रहा था और फिर उनका पानी निकल गया और फिर मेरा पानी भी निकल गया उनकी चूत में. वो और मै साथ में ही झड़ गये और झट से मेरा लंड मुह में लेकर चाटने लगी. वो मेरा पानी ऐसे चाट रही थी, जैसे उन्हें शहद का मज़ा मिल रहा हो और चाट-चाट लंड पूरा चिकना कर दिया और मुझे किस करके बोली, तूने आज बहुत मज़ा दिया, साहिल. मैने बोला – मज़ा तो अपने मुझे दिया आंटी जी, थैंक यू.उसके बाद हम अपने-अपने जगह पर जाकर सो गये, तब से दोबारा कोई और आंटी नहीं मिली, जो चुदाई का मज़ा दे.कैसी लगी आंटी के साथ सेक्स स्टोरी , रिप्लाइ जररूर करना , अगर कोई मेरी आंटी की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/SheepraKumari

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