भाभी की रस भरी गर्म चूत में लंड

देवर भाभी की चुदाई mastram ki xxx kahani, भाभी को चोदा xxx hindi sex story, भाभी की प्यास बुझाई xxx chudai kahani, भाभी की चूत में देवर का लंड xxx mast kahani, भाभी के साथ चुदाई की कहानी, hindi sex kahani, भाभी के साथ सेक्स की कहानी, bhabhi ko choda xxx hindi story, जवान भाभी की कामवासना xxx antavasna ki hindi sex stories,

भाभी बहुत हॉट थी और वो मुझे शुरू से ही अच्छी लगती थी. मैंने मन में उनके लिए कुछ गलत नहीं था. सब कुछ ठीक और अच्छे से चल रहा था.ये तक़रीबन २ साल पुरानी बात है. जब मैं कॉलेज जाता था, तो भाभी किसी ना किसी काम से बाहर आती थी और मुझे देख कर स्माइल करती थी. पहले तो मुझे लगा था, कि ये कोइंसिडेंट है. लेकिन फिर ये रोज़ – रोज़ होने लगा. पर मैंने इस बात पर कुछ ज्यादा ध्यान नहीं दिया. फिर कुछ दिनों बाद, मेरी पूरी फॅमिली को कहीं फंशन के लिए ४ – ५ दिन के लिए बाहर जाना था और मेरे एग्जाम चल रहे थे. इसी वजह से मैं नहीं जा सकता था. सो मम्मी ने मेरे खाने के लिए नीचे बोल दिया और नीचे पता चला, कि उनकी फॅमिली में सिर्फ भाभी और उनका बेटा ही है. उनके किसी रिश्तेदारी में डेथ हो गयी थी.

बाकी सब लोग वहीँ गये हुए थे. वो सब लोग भी २ दिन के बाद ही वापस आने वाले थे. उसी दिन, मैं कॉलेज से एग्जाम दे कर वापस आया, तो भाभी ऊपर खाना देने के लिए आये और उन्होंने मुझे आवाज़ लगायी. मैंने बाहर आया. उन्होंने सूट डाला हुआ था. क्या लग रही थी वो, उस दिन. उस दिन मुझे उनको देख कर कुछ अजीब सा फील हुआ. उन्होंने मुझे खाना दिया और चले गये. मैंने खाना खाया और बर्तन देने के लिए नीचे चला गया. तो भाभी ने कहा – रात को खाना खाने नीचे ही आ जाना. मैंने कहा – ठीक है.रात को ७ बजे नीचे से आवाज़ आई.. भाभी मुझे खाना खाने के लिए बुला रही थी. मैं नीचे गया और उन्होंने खाना लगाया और हम साथ में ही खाना खाने लगे. भाभी ने मुझे कहा – तुम इतना कम क्यों बोलते हो? तो मैंने कहा – ऐसे बात नहीं है. उन्होंने कहा, कि ५ सालो में, तुमने मुझ से कोई बात ही नहीं की है. मैंने कहा – कभी कुछ हुआ ही नहीं. कुछ था ही नहीं बात करने को. तो वो एकदम से हंस पड़ी और बोली – अच्छा. चलो फिर आज बात कर लो. मैंने कहा – ठीक है. वो मुझ से मेरी पढाई के बारे में पूछने लगी और इधर – उधर की बातें करने लगी. जब हम दोनों का खाना ख़तम हुआ, तो मैं ऊपर जाने लगा. उन्होंने कहा – अभिनव, तुम आज नीचे ही सो जाओ. मुझे अकेले डर लगता है. मैंने कहा – ठीक है. फिर मैं ड्राइंगरूम में टीवी देखने लगा और टीवी पर गुमराह आ रहा था. कुछ देर बाद, भाभी भी आ गयी और टीवी देखने लगी. तभी एक एडल्ट सीन आ गया और हम दोनों ने ऐसे रियेक्ट किया, जैसे कुछ हुआ ही ना हुआ हो. कुछ देर बाद, सडनली भाभी ने पूछा – तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है? पहले तो मैं शोकेद हो गया और फिर मैंने कहा – नहीं है. तो फिर उन्होंने पूछा – क्यों? गर्ल्स में इंटरेस्ट नहीं है क्या? मैंने कहा – वो बात नहीं है. इंटरेस्ट तो है.. पर मुझ से कौन पटेगी?आप ये कहानी रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। तो उन्होंने कहा – क्यों? तुम हैण्डसम हो, स्मार्ट हो. मैंने कहा – अच्छा. आप होती.. तो क्या करती? वो थोड़ी देर के लिए चुप हो गयी और फिर उन्होंने कहा – मैं होती. तो हाँ कर देती. मैंने मजाक में कहा – ठीक है. फिर आप ही मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओ. तो उन्होंने कहा – ठीक है. जैसे कि वो शुरू से ही ये सुनना चाहती थी. मैंने कहा – क्या? तो वो मेरे पास आ गयी एकदम से और अपने होठो को मेरे होठो पर रख कर किस करने लगी. दो मिनट तो मुझे समझ ही नहीं आया, कि क्या हो रहा है. फिर मैंने उन्हें दूर किया और कहा – ये क्या कर रही हो? तो वो बोली – आई रियली लाइक यू. मैं तो तुम्हे पहले ही दिन से पसंद करती हु. तुम्हारे भैया से तो मैंने घर वालो के कहने पर शादी की है और वो तो मुझे खुश भी नहीं रख पाते है. तो मैंने भी सोचा, कि और क्या चाहिए? सामने से लड़की आ रही है. तो और क्या चाहिए? लाइफ सेट है. तो मैंने भी उन्हें किस करना शुरू कर दिया. क्या मज़ा आ रहा था. मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता हु. हमने कम से कम १० मिनट तक किस किया होगा.

फिर भाभी ने कहा – रूम में चलते है. हम दोनों रूम में गए और फिर से किस करने लगे. मैं ने भाभी के बूब्स को दबाना शुरू कर दिया. वाह.. क्या नरम – नरम बूब्स थे भाभी के… भाभी ने मोअन करना स्टार्ट कर दिया था अहहहा अहहाह और दबाओ.. अहहाह ऊऊहूओ ऊओह्ह्ह्ह मज़ा आ रहा है. बहुत इंतज़ार करवाया तुमने हाहाह अहहाह.. मैं तो इस पल का इंतज़ार कब से कर रही थी. अहहहा अहहाह अह्हह.. वो मदहोश होने लगी थी और फिर उन्होंने अपना एक हाथ मेरे बरमुडे में डाल दिया और फिर मेरे लंड को सहलाने लगी. इतना मज़ा आ रहा था. मुझे लगा, कि मेरा वहीँ छुट जाएगा. मैंने भाभी की शर्ट और सलवार उतारी और वो अब सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी. क्या लग रही थी वो रेड ब्रा और ब्लैक पेंटी में. उन्होंने भी मेरे कपड़े उतार दिए और मेरे लौड़े को देख कर बोली – हाय, इतना बड़ा? ये तो ६.५ इंच का होगा और वो फिर पागल होने लगी. वो अपने घुटनों पर बैठ गयी और मेरे लौड़े को अपने मुह में रख लिया और उसको मस्ती में चूसने लगी. मैं तो जैसे आसमान में पहुच कर उड़ने लगा था. मेरे मुह से बस अगगा अगगागा अहहहः अहहह्हा अहहः ऊहोहोहो होहोहोहो निकलने लगा था. फिर मैंने उसकी ब्रा के हुक को खोल दिया और उनके बूब्स को दबाने लगा. थोड़ी ही देर में हम दोनों ६९ की पोजीशन में आ गए और उनकी चूत मुझे बिलकुल साफ़ दिख रही थी. मुझे मज़ा आ रहा था.. क्या मस्त स्वाद था उसकी चूत का.. पुरे कमरे में हम दोनों की आवाज़े ही गूंज रही थी हाहाह अहहाह अहहाह अहहाह श्श्श्श अहहहः उम्म्मम्म हम्म्म्म…आप ये कहानी रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
फिर मैं भाभी के मुह में ही छुट गया और भाभी ने भी मेरा सारा रस पी लिया. थोड़ी देर के बाद, भाभी भी झड गयी और क्या स्वाद था. मैं तो मदहोश ही हो गया था और फिर भाभी ने कहा – प्लीज, अब मुझे और मत तड़पाओ. मुझे चोद दो जल्दी से. फिर उन्होंने मेरे लौड़े को चुसना शुरू कर दिया और ५ मिनट के अन्दर ही, वो फिर से खड़े होकर चुदाई के लिए तैयार था. मैंने अपने लौड़े को भाभी की चूत पर सेट किया और अपने लंड को उनकी चूत पर रगड़ने लगा. वो सिस्कारिया ले रही थी और कह रही थी.. प्लीज डालो ना… मैंने एक जोर का झटका दिया और मेरा आधा लंड उनकी चूत के अन्दर चले गया. भाभी को थोड़ा सा दर्द हुआ. फिर मैं थोड़ा सा रुक गया और उनको किस करने लगा. मैंने उनके बूब को दबाना स्टार्ट कर दिया. जब वो थोड़ी सी मुझे रिलैक्स दिखी, तो मैंने एक और जोर का धक्का दिया और मेरा पूरा लंड उनकी चूत के अन्दर चले गया. फिर मैंने उनकी चूत को धीरे – धीरे धक्के देने शुरू किये… भाभी को भी मज़ा आ रहा था. वो भी नीचे से मेरा साथ दे रही थी अहः अहः अहः अहहाह अहहाह… फक मी… चोदो मुझे… फाड़ दो… इस साली को.. बहुत ज्यादा परेशान कर रखा है. वो मुझे जोर – जोर से गलिया दे रही थी. मैंने भाभी के मुह से पहली बार गालिया सुनी थी. पर मुझे अच्छा लग रहा था. मैं जोर – जोर से धक्के देने लगा और फिर मैं २ – ३ मिनट में झड़ गया और मुझे थोड़ा अजीब लगा. लेकिन भाभी हसने लगी.आप ये कहानी रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
फिर वो बोली – कोई बात नहीं. पहली बार में ऐसा होता है. मैंने लंड बाहर निकाला और भाभी ने मुझे ब्लोजॉब दिया. मैंने भाभी को फिर से चोदना शुरू किया. भाभी मोअन करने लगी थी और कहा – भाभी आई लव यू. भाभी ने कहा – मुझे भाभी नहीं, प्रिया कहो. फिर २० मिनट बाद, हम दोनों झड़ गये और फिर मैं भाभी के ऊपर ही सो गया. थोड़ी देर बाद, भाभी वाशरूम में शावर लेने के लिए गयी और मैं भी उनके पीछे चले गया और हमने साथ में शावर लिया. उस रात, मैंने भाभी को ४ बार चोदा. फिर अगले दिन, मैं कॉलेज से आते ही नीचे चले गया. भाभी किचन में थी. मैंने जाते ही भाभी को हग किया और उनको किस करके उनके बूब्स को दबाने लगा. फिर मैंने उनको किचन में ही चोदा और उस दिन मैंने भाभी को पुरे दिन और पूरी रात चोदा. अब हमे जब भी मौका मिलता है. हम चुदाई करते है और मज़ा लेते है.कैसी लगी भाभी की सेक्स स्टोरी , अच्छा लगी तो शेयर करना , अगर कोई भाभी की रस भरी गर्म चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/SheelaSharma

1 comments:

Indian sex story,indian xxx story,hindi porn story,hindi xxx kahani,hindi adult story,

Delicious Digg Facebook Favorites More Stumbleupon Twitter